सियासत की निगाहें

सुबह से शाम तक बिजली सड़क पानी की आहें हैं, हमारे वोट पर पूरी सियासत की निगाहें हैं। न जाने कितने सालों से यहां वीरानीयत सी थी, अभी कुछ ही महीनों से विधायक…

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खेले कान्हा गोकुल होरी,

  खेले कान्हा गोकुल होरी, संग लिये राधा प्यारी। गोपी ग्वाल संग में खेले, देखत सब ब्रज नर नारी।। बरसाने से आयी राधा, संग सभी सखियाँ प्यारी। झूमे नाचे संग मुरारी, छवि लगती…

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काश!जी भर के बात कर पाती तुमसे अम्मा

आज सफाई करते हुए पुरानी डाईरी हाथ लग गई सब ठीक से रखी पर डाईरी वापस रह गई ।दोपहर का खाना बनाई फिर अपने सारे काम निपटा धुप में बैठने जाने लगी की…

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बीता हुआ हर मंज़र बड़ा दिलचस्प दिखता है

बीता हुआ हर मंज़र बड़ा दिलचस्प दिखता है यादों में अपना शहर बड़ा दिलचस्प दिखता है ‍‍~ लौटते हुए …..महीनों बाद के….. सफ़र से मील का हर पत्थर बड़ा दिलचस्प दिखता है ~…

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बेटी

ज्यों गगन में चान्द चमके बेटी चमके आंगना में बेटिया साडी का आंचल बेटिया आंखों का काजल बेटिया चूडी की खन-खन बेटिया मां का है दर्पण बेटिया पूजा की थाली बेटिया सबसे निराली…

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शोरूम में जननायक

अनूप मणि त्रिपाठी का पहला व्यंग्य संग्रह “शोरूम में जननायक” में लगभग तीन दर्जन व्यंग्य है. व्यंग्य संग्रह में भूमिका नहीं है, सुधी पाठक इससे अंदाज लगा सकते है कि नव लेखन के सामने…

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भोली जनता  

इलेक्शन जब भी आते हैं ,तो भाषण ये सुनाते हैं , कभी  कुत्ते , कभी बिल्ली ,कभी गदहे को लाते हैं .   कि अपनी आपसी बातों में अपने ये बड़े नेता बेचारे…

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लड़का अधिकारी था य भिखारी

 लड़का अधिकारी था, मां-बाप के रंग-ढंग बदल गये थे ! शादी के लिये लड़के की बोलिया लगने लगी थी, जो 40 लाख देगा वो अपनी लड़की ब्याह सकता है, जो 60 लाख देगा लड़का उसके…

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ज़रा सुनिये नेता जी !

भारत देश दुनिया का क बड़ा लोकतान्त्रिक देश है ,परंतु आजकल यह लोकतंत्र दुनिया के लिए जोकतंत्र बनता जा रहा है .लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव होता है चुनाव  ! कहा जाता है…

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गधा उदास है

पढ़ लिखकर गदहे ने डिग्री बहुत कमाई , पर उसके बदले उसने नहीं नौकरी पाई। सोचा अबकी लडू इलेक्शन, बन जाऊं मैं मुखिया वोट तो सबकी ले ही लूंगा, रमई हो या सुखिया…

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एक जन आह्वान

आज देश तैयार खड़ा है रचने को नूतन इतिहास एक नया नेतृत्व दे रहा जुड़ने का अन्तिम आह्वान सब बाधाएँ तोड़ देश को प्रथम पंक्ति में आना है और मुखौटे पहने जो हैं…

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