दारू चालीसा

दोहा- पैग लगा के झूमिये यह कलयुग की देन लफड़ा-झगड़ा करत रहो जात रहे सुख चैन जय जय जय कलयुग की दारू तुमका पियय सकल परिवारू पी करके कुछ पंगा करते गॉव गली…

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हे राम

हे राम तोहरी नगरी // बदनाम होय रही है // बुरायी घुस गयी है // सच्चाई रो रही है //हे राम वातावरण है दूषित // महत्ता खो रही है // लाचार पड़ा शासन…

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ट्रेन का सफर मदुरै से दिल्ली

नंदिनी सेन :- हुस्न से सजी जवानी से सजी एक साहित्यकार की एक लौती बेटी मुझे लोग प्यार से नंदिनी पुकारते है ॥ कैलाशी :- एक गरीब नाई शरीफ खान दान से हूँ…

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मेरी बेटी

जब चलती मेरी गुडिया रानी॥ बजते घुघरू पाँव में॥ आ जा लली मेरी बाहों में॥ हर पल तुझको खुश रखूगी॥ सारी खुशियाँ पहनाऊँगी ॥ तू जो मांगे हीरे मोती ॥ अगर मिले तो…

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सारे जहाँ की खुशियाँ तेरे भी घर को आये

तू जगमगाये तेरा दीप जगमगाये || सारे जहाँ की खुशियाँ तेरे भी घर को आये || गंगा और यमुना सा निर्मल हो तेरा मन || अम्बर और धरा सा स्वच्छ हो तेरा तन…

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